डर गए हैं कौर और हुसैन!
वकील अहमद हसन पाशा ने बताया कि 15 नवंबर को उन्होंने कौर और हुसान को कोर्ट में बुलाया था। दोनों देशों के अधिकारियों के सामने उनको अपने बयान दर्ज कराने थे लेकि वे नहीं आए। नासिर हुसैन का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। शायद वे अपने खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की संभावना से डरे हुए हैं। इसलिए कहीं छुपे हुए हैं।हसन पाशा ने बताया कि सरबजीत कौर के वीजा की अवधि अभी तक नहीं बढ़ी है। इस मामले में उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है ताकि कौर को छूट मिल सके। उन्होंने कहा कि सरबजीत कौर ने इस्लाम धर्म अपनाते हुए नूर नाम रख लिया है। पांच नवंबर को कौर के इस्लाम धर्म अपनाने का प्रमाणपत्र जारी किया गया था।


