चीन पर पूरी तरह से निर्भर हुआ रूस, जानें ड्रैगन ने कैसे बढ़ा लिया मॉस्को पर दबदबा, भारत की बढ़ेगी टेंशन
Updated on
07-09-2024 02:18 PM
मॉस्को: यूक्रेन के युद्ध में उतरने के बाद से ही भारत का दोस्त रूस लगातार आर्थिक और रणनीतिक रूप से चीन पर निर्भर होता जा रहा है। एक नए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। तक्षशिला इंस्टीट्यूट में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि रूस और चीन के संबंधों में कुछ पहलुओं में समानता के बावजूद अब यह बीजिंग के पक्ष में ज्यादा झुका हुआ है। 'चीन-रूस संबंध: शक्ति विषमता का आकलन' वाले शीर्षक से लिखे गए इस शोध पत्र में शोधकर्ता अमित कुमार ने पाया है कि इस विषमता ने रूस को चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर बना दिया है।
रूस और चीन मिलकर कर रहे काम
यह शोध ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और पश्चिम को कमजोर करने के लिए रूस और चीन विश्व मंच पर मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों ने अपनी दोस्ती को 'बिना किसी सीमा' वाली बताया है। बीजिंग और मॉस्को ने ईरान और उत्तर कोरिया के साथ मिलकर पश्चिम विरोधी गुट बनाया है। इन देशों की अधिनायकवादी सरकारों ने पश्चिम के आर्थिक दबाव को दरकिनार करने के लिए अर्थव्यवस्थाओं और व्यापार को जोड़ रखा है। इसकी सबसे बढ़िया झलक यूक्रेन युद्ध के बाद दिखी जब प्रतिबंधों के चलते पश्चिमी बाजार में रूस की पहुंच बंद हो गई तो चीन ने उसका बचाव किया। यूक्रेन युद्ध को ढाई साल से ज्यादा बीत चुके हैं, इस बीच रूस और चीन के संबंध अत्यधिक असमान हो गए हैं।
चीन ने कैसे रूस पर बनाया दबदबा
यूक्रेन हमले के बाद रूस को बचाने के लिए चीन यूं ही नहीं आया। उसने इसकी बढ़िया कीमत वसूली है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार के आंकड़ों से पता चलता है। साल 2023 में रूस के कुल निर्यात में चीन का हिस्सा 30.4 प्रतिशत रहा, जबकि आयात में 36.6 प्रतिशत था।
चीन पर निर्भर हुआ रूस
रूस की अर्थव्यवस्था ऊर्जा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा निर्भर है। पिछले एक दशक से ऊर्जा राजस्व कुल संघीय बजट का 30-50 प्रतिशत रहा है। तेल और गैस ने रूस की सालाना जीडीपी में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान दिया है। स्टडी बताती है कि न केवल रूस का चीन को निर्यात ऊर्जा पर आधारित है, बल्कि रूस का अधिकांश वैश्विक निर्यात भी चीन में ही केंद्रित है। रूस केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि अपनी युद्ध मशीनरी को चालू रखने के लिए भी चीन पर निर्भर है। यह चीन से दोहरे उपयोग वाली तकनीक और मशीनरी का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसका उपयोग हथियार और गोला-बारूद बनाने में किया जाता है।
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