पाकिस्तान का अमेरिकी की तरफ झुकाव
पाकिस्तान की शरीफ सरकार ट्रंप प्रशासन के साथ संबंध बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। अमेरिका पारंपरिक रूप से पाकिस्तान को दक्षिण एशिया में रणनीतिक सुरक्षा साझेदार के रूप में देखता रहा है। लेकिन पाकिस्तान में अलकायदा सरकार ओसामा बिन लादेन के पाए जाने के बाद इस रिश्ते दरार पड़ी। ट्रंप ने 2018 में खुद कहा था कि इस्लामाबाद ने वॉशिंगटन को झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं दिया है।लेकिन ऐसा लगता है कि अब पाकिस्तान को अमेरिका के पास देने के लिए कुछ नया है। इसकी झलक इसी महीने की शुरुआत में शरीफ के आवास पर एक हाई-प्रोफाइल हस्ताक्षर समारोह में देखने को मिली। 8 सितम्बर को दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो पाकिस्तान से अमेरिका को महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों की आपूर्ति से संबधित था। इसके अलावा ट्रंप ने पाकिस्तान पर टैरिफ को भी कम करते हुए 19% पर रखा है,जबकि भारतीय आयात पर यह 50 प्रतिशत है।


