इकलौते पॉवर सेंटर होंगे मुनीर
संविधान संशोधन में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन (CJCSC) का पद भी खत्म कर दिया है। सीजेसीएससी के हटने के साथ ही मुनीर के अधिकार पर आखिरी संवैधानिक संतुलन भी खत्म हो जाएगा, जिससे वह पाकिस्तान के सुप्रीम मिलिट्री कमांडर के साथ ही नेशनल पॉवर सेंटर बन जाएंगे, जो देश के सैन्य, राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक भविष्य को आकार देंगे।यह कानून मुनीर के कार्यकाल को 2030 तक बढ़ाता है। इसके साथ ही सभी फाइव स्टार सैन्य जनरलों को मुकदमे से पूरी चूट देता है। फाइव स्टार रैंक फील्ड मार्शल जनरल को मिलती है और पाकिस्तान में असीम मुनीर अभी ऐसे अकेले हैं। ऐसे में यह नियम एक व्यक्तिगत कानूनी शील्ड प्रदान करता है, जिससे मुनीर के खिलाफ जिंदगी भर के लिए सभी नागरिक, न्यायिक और संसदीय जांच नहीं हो सकती।
पाकिस्तानी वायु सेना और नेवी के लिए बुरा
पाकिस्तानी वायु सेना और नौसेना के लिए मुनीर का दबदबा एक बुरी घटना के रूप में साबित हुआ है, जिसने दोनों को पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना के अधिकार में ला दिया है। पाकिस्तान के पूर्व रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल आसिफ यासीन मलिक (रिटायर्ड) के हवाले से डॉन की रिपोर्ट में कहा गया कि CDF के तौर पर आर्मी जनरल को नियुक्त करने से संस्थागत असंतुलन का खतरा है। उन्होंने कहा कि यह सुधार एक खास को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है।रक्षा विश्लेषक शिरीन मजारी ने डॉन से बताया कि इस बदलाव से पाकिस्तानी सेना को बाकी दो सेवाओं में प्रमोशन, ट्रांसफर और पोस्टिंग पर मोनोपोली मिल गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तानी वायु सेना और नेवी में पदोन्नति सेना से बने CDF से तय किए जाते हैं, तो गुस्सा बढ़ सकता है।


