World Pulse Polio Day 2026 : पल्स पोलियो अभियान के दौरान बच्चे को पोलयो की दो बूंदें पिलवा दीं, तो क्या अब उसे पोलियो वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है? कई पेरेंट्स के मन में ये सवाल रहता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि पोलियो से मजबूत सुरक्षा के लिए सिर्फ पोलियो ड्रॉप्स ही नहीं, बल्कि IPV वैक्सीन भी उतनी ही जरूरी है. विश्व पोलियो दिवस के इस मौके पर हम दिल्ली स्थित शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से इस विषय को जानेंगे। इसे लेकर डॉक्टर का कहना है कि दोनों ही अलग-अलग तरीके से काम करते हैं और बच्चे को पोलियो वायरस के गंभीर असर से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. यहां डॉक्टर से समझते हैं इस बारे में-

पोलियो ड्रॉप्स और पोलियो वैक्सीन में क्या अंतर है?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि पोलियो से बचाव के लिए दो तरह के वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता है. पहला ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV), जिसे आमतौर पर पोलियो ड्रॉप्स कहा जाता है. दूसरा इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (IPV) है, जो इंजेक्शन के जरिए दी जाती है. दोनों का उद्देश्य बच्चे को पोलियो वायरस से बचाना है, लेकिन दोनों अलग-अलग तरीके से काम करती हैं.

पोलियो ड्रॉप्स बच्चे को कैसे बचाती हैं?

डॉक्टर श्रीवास्तव का कहना है कि पोलियो ड्रॉप्स आंतों में वायरस के पनपने और फैलने के खतरे को कम करने में मदद करती हैं. यही वजह है कि पल्स पोलियो अभियान में बार-बार बच्चों को ड्रॉप्स पिलाई जाती हैं, ताकि  ग्रुप में इंफेक्शन के फैलने का रिस्क घटे.

उन्होंने आगे कहा IPV वैक्सीन शरीर के अंदर मजबूत प्रतिरक्षा विकसित करने में मदद करती है. डॉक्टरों का कहना है कि इससे वायरस के गंभीर असर और पोलियो के कारण होने वाले लकवे का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. इसी वजह से इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया है.


क्या सिर्फ पोलियो ड्रॉप्स पिलाना काफी है?

इंटरनल मेडिसिन डॉ. का कहना है कि लोगों में ये सबसे बड़ी गलतफहमी है. कई माता-पिता सोचते हैं कि पल्स पोलियो अभियान में बच्चे को ड्रॉप्स मिल गई हैं, तो अब किसी दूसरी डोज की जरूरत नहीं है. वहीं, बच्च को पूरी सुरक्षा देने के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कैलेंडर में शामिल IPV डोज भी समय पर लगवाना जरूरी है.

बच्चे को कब दिलानी चाहिए पोलियो की सभी डोज?

उनका कहना है कि नेशनल वैक्सीनेशन कार्यक्रम के अनुसार बच्चे की सभी डोज समय पर पूरी करानी चाहिए. अगर किसी डोज को लेकर भ्रम हो या टीका छूट गया हो, तो तुरंत पीडियाट्रिशियन या फिर किसी पास से हेल्थ सेंटर पर जाकर सलाह जरूर लें. .