पनडुब्बियों का बनेंगे सुरक्षा कवच
- ये हेलीकॉप्टर फरवरी 2020 में अमेरिकी सरकार के साथ हुए 24-एयरक्राफ्ट FMS कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं।
- सीहॉक के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में काफी बढ़ोतरी होगी।
- यह हेलीकॉप्टर एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), एंटी-सरफेस वॉरफेयर (ASuW), सर्च एंड रेस्क्यू (SAR), मेडिकल इवैक्यूएशन (MEDEVAC) और वर्टिकल रीप्लेनिशमेंट (VERTREP) के लिए बनाया गया है।
- हेलीकॉप्टर का भारतीय रेफरेंस एटमॉस्फियर (IRA) स्थितियों में कड़ाई से परीक्षण किया गया है और इसे पूरी तरह से बेड़े (फ्लीट) में शामिल कर लिया गया है। इसके एडवांस्ड हथियार, सेंसर और एवियोनिक्स सुइट सीहॉक को भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा जरूरतों को मजबूत बनाते हैं जो पारंपरिक और दोनों तरह के खतरों से निपटने के लिए बेहतर क्षमताएं देते हैं।
भारत की समुद्री ताकत को देंगे बुलंदी
- MH 60R हेलीकॉप्टर भारत की ब्लू-वॉटर क्षमताओं को बढ़ाएगा, नौसेना की ऑपरेशनल पहुंच का विस्तार करेगा और बड़े समुद्री इलाकों में लगातार नौसैनिक ऑपरेशन्स में मदद करेगा।
- हिंद महासागर क्षेत्र में सीहॉक की तैनाती भारतीय नौसेना की समुद्री मौजूदगी को मजबूत करेगी, संभावित खतरों को रोकेगी और इस रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करेगी।
- सीहॉक का कमीशनिंग भारतीय नौसेना के समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के पक्के संकल्प को दिखाता है, जो इस क्षेत्र में 'सभी के लिए सुरक्षा और विकास' के भारत सरकार के दूरदर्शी लक्ष्य के साथ पूरी तरह मेल खाता है।


