हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
उधर भांकरोटा के थाना प्रभारी श्रीनिवास जांगिड़ का कहना है कि हमले की सूचना मिली जिसके बाद पीड़ितों की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच एएसआई मुकेश चतुर्वेदी को सौंपी गई है। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।पीड़ित का आरोप- पुलिस ने सही धाराओं में नहीं किया मुकदमा दर्ज
इस घटना को लेकर पुलिस ने धारा 189(2), 115(2), 126(2) BNS का घटित होना पाया जाने पर एफआईआर दर्ज की है। जबकि पीड़ितों का कहना है कि इस मामले में अन्य कई धाराएं लगनी चाहिए थी।- BNS धारा 109 - हत्या का प्रयास (यदि हमला जान लेने की नीयत से किया गया हो)।
- BNS धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुंचना।
- BNS धारा 117 – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुंचना (यदि मेडिकल रिपोर्ट गंभीर चोट दर्शाती है)।
- BNS धारा 189 (2) – आपराधिक धमकी (जान से मारने की धमकी)।
- BNS धारा 190 – कई व्यक्तियों की ओर से मिलकर धमकी/अपराध।
- BNS धारा 304 - स्नैचिंग / झपट्टा मारकर चेन छीनना (यदि चेन छीनी गई है)।
- BNS धारा 126 (2) – गलत तरीके से रोकना/घेरना।
- BNS धारा 191(2) – दंगा/हिंसक उपद्रव (यदि अवैध भीड़ द्वारा हिंसा की गई हो)।
- BNS धारा 3(5) - समान उद्देश्य से कई व्यक्तियों की और से अपराध करना।


