इजराइल का संघर्ष में कोई भी दखल सऊदी अरब की मुश्किल ज्यादा बढ़ाएगा। फिलिस्तीन मुद्दा अनसुलझा होने के कारण इजरायल के साथ करीबी संबंधों का रिस्क MB नहीं ले सकते हैं।
हूतियों के सऊदी अरब पर हमले
यह डिप्लोमैटिक कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले भी शामिल हैं। हूतियों ने सऊदी एयरपोर्ट्स और तेल ठिकानों को भी निशाना बनाया है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर सीधी चोट है।हालिया घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण शिपिंग रूटों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिसमें बाब अल-मंडेब स्ट्रेट शामिल है। इस रूट दुनिया का एक बड़ा व्यापारिक हिस्सा गुजरता है और सऊदी के लिए ये खासतौर पर अहमियत रखता है। ऐसे में सऊदी अरब फिलहाल एक मुश्किल वक्त का सामना कर रहा है।


